बांग्लादेश: रोहिंग्या शरणार्थियों से मिली पीएम शेख हसीना, मदद का दिया भरोसा

बांग्लादेश: रोहिंग्या शरणार्थियों से मिली पीएम शेख हसीना, मदद का दिया भरोसा

शेख हसीना ने रोहिंग्या शरणार्थियों के शिविरों का दौरा करने के बाद कहा, ‘‘हम पड़ोसी देशों में शांति और मित्रवत संबंध चाहते हैं, लेकिन हम किसी तरह की नाइंसाफी नहीं होने देंगे और इसे स्वीकार भी नहीं कर सकते. हम इसका विरोध करना जारी रखेंगे.’’

By: | Updated: 12 Sep 2017 11:48 PM

ढाका: बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बुधवार को आरोप लगाया कि म्यांमार, रोहिंग्या मुसलमानों पर 'अत्याचार' कर रहा है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश किसी तरह की नाइंसाफी बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने म्यांमार सरकार से यह भी कहा कि वह अपने उन नागरिकों को वापस ले जो हिंसा की वजह से भागकर बांग्लादेश पहुंचे हैं.


हम किसी तरह की नाइंसाफी नहीं होने देंगे: शेख हसीना


शेख हसीना ने रोहिंग्या शरणार्थियों के शिविरों का दौरा करने के बाद कहा, ‘‘हम पड़ोसी देशों में शांति और मित्रवत संबंध चाहते हैं, लेकिन हम किसी तरह की नाइंसाफी नहीं होने देंगे और इसे स्वीकार भी नहीं कर सकते. हम इसका विरोध करना जारी रखेंगे.’’ उन्होंने शरणार्थियों को विश्वास दिलाया कि बांग्लादेश उन लोगों को मानवीय सहायता मुहैया कराता रहेगा.


‘जब तक वे अपने देश नहीं लौट जाते तब तक हम उनके साथ खड़े रहेंगे’


बांग्लादेश की पीएम ने कहा, ‘‘जब तक वे अपने देश नहीं लौट जाते तब तक हम उनके साथ खड़े रहेंगे.’’ म्यांमार में ताजा हिंसा के कारण कम से कम 313000 रोहिंग्या बांग्लादेश पहुंचे हैं. संयुक्त राष्ट्र के आकलन के अनुसार म्यांमार की सेना की ओर से रखाइन प्रांत में 25 अगस्त से चलाए जा रहे अभियान में 1000 से अधिक लोग मारे गए हैं.


UN मानवाधिकार प्रमुख ने रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ हिंसा को बताया 'नस्ली सफाया'

फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App
Web Title:
Read all latest World News headlines in Hindi. Also don’t miss today’s Hindi News.

First Published:
Next Story भारत ने पाकिस्तान से कहा- जाधव की पत्नी और मां की सुरक्षा की गारंटी चाहते हैं