सीआईए प्रमुख ने किया एजेंसी का बचाव, लेकिन कुछ ‘वीभत्स’ यातनाओं की बात मानी

By: | Last Updated: Friday, 12 December 2014 8:28 AM
CIA boss John Brennan defends post-9/11 strategy

अमेरिका के प्रेसिडेंट ओबामा के साथ देश की खुफिया ऐजेंसी सीआईए के निदेशक जॉन ब्रेनान

वाशिंगटन: सीआईए के प्रमुख ने 11 सिंतबर 2001 के हमलों के बाद आतंकी संदिग्धों से पूछताछ के लिए प्रश्नकर्ताओं द्वारा अपनाए गए तरीकों का बचाव किया है लेकिन साथ ही यह भी स्वीकार किया है कि कई मामलों में अपनाए गए तरीके अनाधिकृत और ‘वीभत्स’ थे. सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी द्वारा आतंकी संदिग्धों के साथ किए गए बर्तावों की सीनेट रिपोर्ट के बाद वैश्विक स्तर पर गुस्सा फैलने के बाद सीआईए के निदेशक जॉन ब्रेनान ने मीडिया को दिए दुर्लभ बयान में कहा, ‘‘संवर्धित पूछताछ तकनीकों (ईआईटी) लागू करने के बाद बंधकों से जानकारी जुटाई गई थी, जो कि ओसामा बिन लादेन अभियान में महत्वपूर्ण थी.’’

 

ब्रेनान ने कहा कि सीआईए की आंतरिक समीक्षाएं दर्शाती हैं कि हिरासत और पूछताछ कार्यक्रम ने उपयोगी खुफिया जानकारियां उपलब्ध करवाईं, जिससे अमेरिका को हमले की योजनाएं निष्क्रिय करने, आतंकियों को पकड़ने और जिंदगियां बचाने में मदद मिली. बहरहाल, उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना मुश्किल है कि ईआईटी से उपयोगी खुफिया जानकारी मिली थी. ब्रेनान ने कहा, ‘‘हम इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं कि बंदियों से उपयोगी जानकारी ईआईटी के इस्तेमाल से ही निकलवाई जा सकी. मेरा मानना है कि ईआईटी के इस्तेमाल और बंदी से उपयोगी जानकारी हासिल करने के बीच कारण और प्रभाव का संबंध अज्ञात है.’’

 

उन्होंने आगे कहा, ‘‘बंदी से उपयोगी जानकारी निकलवाने में ईआईटी द्वारा भूमिका निभाए जा सकने के बावजूद मेरा मानना है कि प्रभावी और गैर-अवपीड़क तरीके ऐसी जानकारी निकलवाने के लिए मौजूद हैं.’’ ब्रेनान ने कहा कि सीआईए के हिरासत एवं पूछताछ कार्यक्रम 11 सितंबर के हमलों के बाद अलकायदा द्वारा और अधिक हमले किए जा सकने के भय के बीच लाए गए थे क्योंकि खुफिया एजेंसी एक ऐसे काम से जूझ रही थी, जिसके लिए वह ‘तैयार नहीं’ थी.

 

उन्होंने कहा, ‘‘कई संदर्भ में, यह कार्यक्रम सीआईए के लिए एक अनसुलझा क्षेत्र था और हम तैयार नहीं थे. हमें बंदियों को रखने का बहुत कम अनुभव था और हमारे कुछ ही अफसर प्रशिक्षित सावल पूछने वाले थे. लेकिन राष्ट्रपति ने 11 सितंबर के हमलों के छह दिन बाद इस कार्य को मान्यता दे दी और हमारा काम इसे लागू करना था.’’ ब्रेनान ने कहा, ‘‘हिरासत और पूछताछ कार्यक्रम चलाने के लिए सीआईए की तैयारी नहीं थी. हमारे अफसरों ने इसकी शुरूआती गतिविधियों का अपर्याप्त ढंग से विकास और निरीक्षण किया. एजेंसी इस पूरे कार्य की व्यवस्था के संचालन संबंधी दिशानिर्देशों को शीघ्रता से स्थापित करने में विफल रही.’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ मामलों में एजेंसी के अफसरों ने पूछताछ की ऐसी तकनीकें अपनाईं, जो अधिकृत नहीं थीं, वीभत्स थीं और जिन्हें सभी के द्वारा हटा दिया जाना चाहिए. जब कुछ अफसरों को उनकी गलतियों के लिए जिम्मेदार ठहराने की बात आई, तो हम कमजोर रहे.’’ ब्रेनान ने कहा, ‘‘वे पूछताछ की प्रक्रिया के तहत अपने बर्तावों की सीमा और शर्तों से परे चले गए. और वे कठोर बने. कुछ मामलों में, मेरा मानना है कि वे वीभत्स थे और मैं यह बाकी लोगों पर छोड़ना चाहूंगा कि वे इन गतिविधियों को कैसे देखते हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने इन गलतियों को स्वीकार किया है और मैं दृढ़ता के साथ यह घोषणा करता रहा हूं कि ये (गलतियां) एक ऐसी एजेंसी के लिए अस्वीकार्य हैं, जिसकी सांसदों के समक्ष प्रतिष्ठा और मूल्य इस बात पर निर्भर करते हैं, कि वह रोजाना की खुफिया रिपोर्टिंग और विश्लेषण के लिए किस तरह की भाषा की सटीकता का इस्तेमाल करती है.’’

 

अपने अफसरों के बचाव में ब्रेनान ने कहा कि इस कार्यक्रम में शामिल अधिकतर लोगों ने अपने कर्तव्य वफादारी के साथ और कानूनी नीति निर्देशों के तहत निभाए. उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने वही किया, जो उन्हें देश की सेवा में करने के लिए कहा गया था. दरअसल, इनमें से कई अफसरों ने इस कार्यक्रम और इसे लागू करने पर आपत्तियां और चिंताएं भी जताई थीं.’’ 11 सितंबर के हमलों के दौरान एजेंसी के उप कार्यकारी निदेशक रहे ब्रेनान ने कहा, ‘‘सीआईए में हम सभी लोग इस बात से टूट गए थे कि अलकायदा के आतंकी अमेरिकी धरती पर इसी तरीके के भयावह हमले करने में समर्थ थे.’’

 

उन्होंने याद किया कि 11 सितंबर के हमलों के बाद अफगानिस्तान में पहुंचने के दो माह बाद, 32 साल के सीआईए अफसर माइक स्पैन 25 नवंबर को मजार-ए-शरीफ में मारा गया था. उन्होंने कहा, ‘‘माइक की मौत के बाद 20 अन्य अधिकारियों ने दुनियाभर में आतंकियों के हाथों अपनी जान गंवाई.’’ उन्होंने यह भी कहा कि 11 सितंबर 2001 के हमलों की यादें उन सभी अमेरिकियों के दिमाग में बनी रहेंगी, जो अमेरिका के हालिया इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदी के गवाह बने.

 

उन्होंने कहा, ‘‘11 सितंबर के हमलों के बाद हमारा देश तड़पा, रोया और इसने प्रार्थनाएं कीं. हम सबने इस दर्द में एक साथ मिलकर आगे आने का संकल्प किया और संकल्प किया कि ओसामा बिन लादेन को रोकने और उसे हमारे देश पर कोई और हमला करने से रोकने के लिए जो संभव होगा वह हम करेंगे.’’

World News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: CIA boss John Brennan defends post-9/11 strategy
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017