क्या डोनाल्ड ट्रंप के एशिया दौरे के साथ ही शुरू हो जाएगा तीसरा विश्व युद्ध? | Donald Trump will be on Asia tour from November 3, North Korea threats for war

क्या डोनाल्ड ट्रंप के एशिया दौरे के साथ ही शुरू हो जाएगा तीसरा विश्व युद्ध?

उत्तर कोरिया के प्रोपेगेंडा माउथपीस केसीएनए की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि डोनाल्ड ट्रंप एक सनकी और मूर्ख नेता हैं. अगले महीने वो एशिया के दौरे पर आ रहे हैं जिससे कोरिया प्रायद्वीप में जंग छिड़ सकती है.

By: | Updated: 28 Oct 2017 09:46 PM
Donald Trump will be on Asia tour from November 3, North Korea threats for war

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का 3 नवंबर से 12 दिनों का एशिया दौरा शुरू हो रहा है. यह उनका अब तक का सबसे बड़ा विदेशी दौरा है. इस दौरे के तहत डोनाल्ड ट्रंप, जापान, दक्षिण कोरिया के अलावा चीन भी जाएंगे. ट्रंप अपने इस दौरे पर उत्तर कोरिया नहीं जाएंगे, क्योंकि मौजूदा समय में ये देश अमेरिका का सबसे बड़ा दुश्मन है.


उत्तर कोरिया ने धमकी दी है कि वह एक बार फिर प्रशांत महासागर में हाइड्रोजन बम फोड़ेगा. उत्तर कोरिया के प्रोपेगेंडा माउथपीस केसीएनए की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि डोनाल्ड ट्रंप एक सनकी और मूर्ख नेता हैं. अगले महीने वो एशिया के दौरे पर आ रहे हैं जिससे कोरिया प्रायद्वीप में जंग छिड़ सकती है.


चार नेताओं के बीच घूम रहा है तीसरे विश्वयुद्ध का सवाल


दुनिया के चार नेताओं के बीच तीसरे विश्व युद्ध का सवाल घूम रहा है. पहला नेता उत्तर कोरिया का तानाशाह किम जोंग उन है जिसकी तरफ से एक बार फिर प्रशांत महासागर में हाइड्रोजन बम फोड़ने की धमकी दी गई है. दूसरे अमेरिका के राष्ट्रपति हैं डोनाल्ड ट्रंप हैं, जिनकी एशिया यात्रा से उत्तर कोरिया तीसरे विश्वयुद्ध की भविष्यवाणी कर रहा है. तीसरा नेता चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग हैं, जिन्हें उत्तर कोरिया के तानाशाह ने बधाई दी है. चौथे नेता रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन हैं, जिन पर उत्तर कोरिया को मदद पहुंचाने का आरोप लग रहा है.


तानाशाह ने क्यों दी युद्ध की धमकी? 


पिछले महीने न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान यूनाइटेड नेशन की जनरल असेंबली में नॉर्थ कोरिया के विदेश मंत्री री यांग हो ने बड़ा बयान दिया था. जिसमें उन्होंने कहा था कि उत्तर कोरिया प्रशांत महासागर में एक शक्तिशाली हाइड्रोजन बम का परीक्षण करेगा. उत्तर कोरिया की तरफ से ये धमकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद आई थी. जिसमें उन्होंने उत्तर कोरिया को पूरी तरह बर्बाद करने की बात कही थी. ट्रंप के इस बयान से उत्तर कोरिया उबल पड़ा था और उसने डोनाल्ड ट्रंप की धमकी को कुत्ते के भौंकने जैसा करार दिया था.


डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा से क्यों नाराज है किम जोंग उन?


डोनाल्ड ट्रंप की इस यात्रा से तानाशाह किम जोंग की नाराजगी दो बातों को लेकर हो सकती है. बताया जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप दक्षिण कोरिया की यात्रा के दौरान डीएमजेड जा सकते हैं. वहीं वे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मिलकर उत्तर कोरिया पर बड़ा समझौता कर सकते हैं. यही वजह है कि तानाशाह किम जोंग, ट्रंप के दौरे से चिढ़ा हुआ है. डीएमजेड, उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया का बॉर्डर है. जहां दोनों देशों की सेनाएं आमने सामने खड़ी रहती हैं. दक्षिण कोरिया पर दौरे में अमेरिकी राष्ट्रपति यहां आते रहते हैं.


क्यों परेशान है उत्तर कोरिया का तानाशाह?


इस तरह उत्तर कोरिया का तानाशाह चीन के राष्ट्रपति और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात से परेशान है. इस परेशानी की वजह है डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान जिसमें उन्होंने उत्तर कोरिया पर दबाव बढ़ाने के लिए चीन की तारीफ की है. अमेरिका के राष्ट्रपति का ये बयान ऐसे माहौल में आया है जब चीन और उत्तर कोरिया के बीच बढ़ती दरार की खबरें आ रही हैं. उत्तर कोरिया पर संयुक्त राष्ट्र के कड़े प्रतिबंधों का समर्थन करके चीन इसका संकेत भी दे चुका है. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम से परेशान चीन अमेरिका के साथ कोई डील कर सकता है.


चीन से क्यों नजदीकियां बढ़ाना चाहता है उत्तर कोरिया?


तानाशाह किम जोंग उन, अमेरिका से भले ही नाराज हो लेकिन चीन से वह नजदीकियां बढ़ाने में लगा है. शी जिनपिंग को भेजी तानाशाह किम जोंग की बधाई इसकी मिसाल है. उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार समिति केसीएनए ने कहा कि किम जोंग उन ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना की केंद्रीय समिति का महासचिव बनने पर शी जिनपिंग को बधाई दी. इस संदेश में ये भी विश्वास जताया गया कि जनता की भलाई के लिए दोनों देश संबंध बनाए जाएंगे. उत्तर कोरिया के तानाशाह ने इससे पहले पांच साल पहले सत्ता में आने के बाद चीन के नेता की तारीफ की थी. लेकिन उसके बाद ये रिश्ते बिगड़ते चले गए. चीन के विरोध के बावजूद उत्तर कोरिया परमाणु विस्फोट करता रहा. जिसने इन दोनों देशों के रिश्तों में खटास पैदा कर दी.


चीन से क्या चाहते हैं डोनाल्ड ट्रंप?


असल में उत्तर कोरिया के तानाशाह को डर है कि अगर चीन उसके पूरी तरह से खिलाफ हो गया तो फिर क्या होगा! क्योंकि उत्तर कोरिया का 90 फीसदी कारोबार चीन से होता है. यही वजह है कि डोनाल्ड ट्रंप, चीन को अपने पाले में लाकर तानाशाह किम जोंग को अकेला करना चाहते हैं. डोनाल्ड ट्रंप के एशिया के दौरे का मकसद उत्तर कोरिया को घेरना है. वे दुनिया भर के देशों का समर्थन हासिल करके उत्तर कोरिया पर दबाव बढ़ाना चाहते हैं. ताकि उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर रोक लगाई जा सके. साफ है कि अगर डोनाल्ड ट्रंप अपने मकसद में कामयाब हुए तो फिर तानाशाह किम जोंग को घुटनों पर लाना आसान हो जाएगा. हालांकि इसमें रूस एक बड़ा रोड़ा बनकर उभरा है. डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही इसका खुलकर जिक्र भी किया.


रूस क्यों कर रहा है उत्तर कोरिया का 'समर्थन'?


अब सवाल ये है कि रूस उत्तर कोरिया जैसे देश की मदद क्यों कर रहा है. रक्षा जानकार बताते हैं कि रूस, उत्तर कोरिया के जरिए अमेरिका को सबक सिखाना चाहता है. क्योंकि यूक्रेन पर कार्रवाई के चलते अमेरिका और यूरोपियन यूनियन ने उस पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे. व्लादिमीर पुतिन इस तरह अपना बदला लेने के लिए तानाशाह किम जोंग को शह दे रहे हैं.

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Web Title: Donald Trump will be on Asia tour from November 3, North Korea threats for war
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