आत्मघाती हमला भी नहीं तोड़ पाया अफगान महिला सांसद का हौसला

By: | Last Updated: Saturday, 22 November 2014 8:30 AM
even the deadly attack could not shake her courage Afghanistan

अफगानिस्तान में महिला अधिकारों के लिए मुहिम चलाने वाली शुकरिया बराकजई

काबुल: अफगानिस्तान में महिला अधिकारों के लिए मुहिम चलाने वाली शुकरिया बराकजई की करीब एक सप्ताह पहले आत्मघाती हमले में हत्या की कोशिश हुयी थी, पर इसके बावजूद उनका हौसला नहीं टूटा है. काबुल में एक अस्पताल में उन्होंने कहा, ‘‘मैं नहीं चाहती कि अफगानिस्तान की महिलाएं खौफ की शिकार हों.’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘मैं ठीक होने का इंतजार कर रही हूं और मैं (काम पर) लौटूंगी. और इस बार पहले से ज्यादा मेहनत करूंगी. यह केवल मुझ पर नहीं बल्कि अफगानिस्तान की सभी महिलाओं पर हमला था.’’ पिछले रविवार को संसद के निकट मुख्य सड़क पर उनकी कार एक आत्मघाती हमले की चपेट में आ गयी थी.

 

संसद की 41 वर्षीय सदस्य बराकजई बच गयीं लेकिन उनकी कार को नुकसान पहुंचा था. विस्फोट में तीन नागरिक मारे गए थे. बराकजई का दायां हाथ जख्मी हो गया और वह उपचार करा रही हैं. बराकजई अफगानिस्तान में महिला अधिकार के लिए काम करने वाली सबसे बुलंद आवाज हैं.

 

इस वजह से कई कट्टरपंथी मुस्लिम उनसे खार खाए हुए हैं और आए दिन तालिबान चरमपंथियों सहित इस्लामी गुटों की ओर से उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलती है. उन्होंने कल कहा, ‘‘मुझे कई बार धमकी मिली है लेकिन इस बार वे (करीब करीब) सफल रहे. क्या मैं उनके लिए खतरा हूं ? मैं तो अफगानिस्तान में केवल महिला अधिकारों के लिए काम कर रही हूं.’’

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