प्रदर्शनकारियों ने हांगकांग के नेताओं से कहा, इस्तीफा दो या हम भवनों पर कब्जा करेंगे

By: | Last Updated: Wednesday, 1 October 2014 2:15 PM

हांगकांग: हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों के छात्र नेताओं ने आज चेतावनी दी कि यदि क्षेत्र के नेताओं ने कल तक इस्तीफा नहीं दिया तो वह विभिन्न महत्वपूर्ण सरकारी भवनों पर नियंत्रण करने सहित अपनी कार्रवाई तेज करेंगे .

 

गतिरोध पर बड़ा दांव लगाकर छात्र नेता पुलिस के साथ एक बार फिर मुठभेड़ का खतरा मोल ले रहे हैं . इस बात की संभावना बिल्कुल भी नहीं है कि पुलिस सरकारी भवनों में हंगामा होने देगी .

 

इस कदम से चीन की सरकार पर भी दबाव बढ़ेगा . चीन की सरकार अभी तक इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है और हांगकांग के चीफ एग्जेक्यूटिव लेयूंग चुन-यिंग को इस संकट से निपटने दे रही है .

 

हांगकांग फेडरेशन ऑफ स्टूडेंट्स के उपसचिव लेस्टर शुम ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बेहतर चुनावी सुधार हेतु दबाव बनाने के लिए प्रदर्शन आयोजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले छात्र नेता चीन की मुख्य सरकार के साथ बातचीत का अवसर मिलने का स्वागत करेंगे .

 

शुम ने कहा, ‘‘हालांकि हम उनसे चौराहे पर आकर जनता से बातचीत करने को कहेंगे .’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह हांगकांग के लोगों का दिन है और कोई समूह विशेष इसका नेतृत्व नहीं कर रहा है .’’

 

हांगकांग फेडरेशन ऑफ स्टूडेंट्स के उपसचिव लेस्टर शुम ने मांग की कि लेयूंग कल तक इस्तीफा दे दें और छात्र नेताओं की उनसे बातचीत करने में कोई दिलचस्पी नहीं है . उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के 87 गोले दागने के आदेश दिए हैं इसलिए बातचीत का कोई आधार ही नहीं बचा . लेयूंग चुन-यिंग इस्तीफा दें . यदि वह कल तक इस्तीफा नहीं देते हैं तो हम अपनी कार्रवाई तेज करते हुए सरकारी भवनों पर नियंत्रण करने जैसे काम करेंगे .’’ हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारी अस्पतालों और सामाजिक कल्याण से जुडे कार्यालयों जैसे आपातकाल में काम आने वाले भवनों पर कब्जा नहीं करेंगे .

 

बीजिंग ने अगस्त में फैसला किया था कि हांगकांग के शीर्ष पद के लिए 2017 में होने वाले चुनाव के लिए उम्मीदवार को एक समिति की मंजूरी प्राप्त होनी चाहिए . इस समिति में ज्यादातर बीजिंग का समर्थन करने वाले स्थानीय अमीर लोग शामिल हैं . ऐसी ही एक समिति ने वर्तमान प्रमुख लेयूंग का चुनाव किया था . प्रदर्शनकारी इसी फैसले का विरोध कर रहे हैं .

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Web Title: hong kong
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