भारत, वियतनाम रक्षा, तेल क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत बनाएंगे

By: | Last Updated: Tuesday, 26 August 2014 3:55 AM
India, Vietnam to boost defence, oil and business cooperation

भारत की विदेश मंत्री सुष्मा स्वराज वियतनाम दौरे के दौरान

हनोई: भारत ने आज रणनीतिक रूप से अहम वियतनाम के साथ तेल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और रक्षा संबंधों को प्रगाढ़ बनाने का निर्णय किया. वहीं वियतनाम ने विवादास्पद दक्षिण चीन सागर में नौसेना-जहाज की आजादी और सुरक्षा को बनाये रखने में भारत की और सक्रिय भूमिका का आह्वान किया.

 

विदेशी मंत्री सुषमा स्वराज ने वियतनाम के शीर्ष नेतृत्व को विभिन्न क्षेत्रों खासकर तेल क्षेत्र एवं रक्षा के साथ व्यापार क्षेत्र में संबंधों को प्रगाढ़ बनाने की भारत की इच्छा से अवगत कराया. इस कदम से चीन की नाराजगी बढ़ सकती है जो सार्वजनिक रूप से भारत को संसाधन से भरपूर दक्षिण चीन सागर से अलग रहने को कहता आ रहा है.

 

वहीं भारत वियतनाम द्वारा पेशकश किये गये पांच नये ब्लाक में इस बात का आकलन कर रहा है कि तेल की खोज कहां की जाए. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरद्दीन ने कहा, ‘‘विदेश मंत्री ने उल्लेख किया है कि भारत वियतनाम के साथ पहले से ही मिलकर काम कर रहा है और (तेल क्षेत्र में) उसके साथ सहयोग जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है और वह इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है.’’

 

उन्होंने कहा कि वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव नगुयेन फू थ्रांग की पिछले नवंबर में भारत यात्रा के दौरान वियतनाम की भारत को पांच तेल क्षेत्रों की जो पेशकश की गई थी, उस पर भी ‘संक्षिप्त’ रूप से विचार विमर्श किया गया.

 

प्रवक्ता ने कहा कि ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (ओवीएल) उनकी व्यवहार्यता के संदर्भ में सोच विचार कर रही है और इसमें कैसे आगे बढ़ा जाये इसको लेकर परस्पर संपर्क में हैं. यह पूछने पर कि क्या नये तेल ब्लॉक दक्षिण चीन सागर के विवादास्पद क्षेत्र में स्थित हैं? अकबरद्दीन ने कहा, ‘‘उनका आकलन किया जाना है. वियतनाम के अनुसार ये उसके अधिकारक्षेत्र में हैं.’’

 

सुषमा स्वराज का वियतनाम का दौरा हनोई द्वारा दक्षिण चीन सागर स्थित दो तेल ब्लॉक की भारत को पट्टा एक और वर्ष बढ़ाने के कुछ ही दिन बाद हुआ है. दक्षिण चीन सागर को लेकर बने गतिरोध के कारण चीन और वियतनाम के बीच रिश्ते कटुतापूर्ण हैं. दक्षिण चीन सागर हाइड्रोकार्बन का बड़ा स्रोत है.

 

वियतनाम ने कहा कि यह 21वीं सदी में मजबूत आसियान-भारत रणनीति सहयोग के निर्माण का समय है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के इसी महीने म्यामां में दिए गए बयान का उल्लेख करते हुए वियतनाम के उप प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री फाम बिन्ह मिन्ह ने कहा, ‘‘भारत की रणनीतिक भागीदारी को इस बात से बल मिलता है कि आपकी पूर्व को देखो नीति और हमारी आसियान से बाहर की ओर देखने की नीति से मेल खाती है.’’

 

उन्होंने कहा कि दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्रों का संघ (आसियान) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत की पूर्व को देखो और 10 सदस्यीय आसियान समूह के साथ सहयोग बढाने की नीति की फिर से पुष्टि करने का स्वागत करता है.

 

वियतनाम के उप प्रधानमंत्री ने कहा कि यह 21वीं सदी में आसियान भारत रणनीतिक भागीदारी को और मजबूत करने का समय है. शोध संस्थानों के आसियान-भारत नेटवर्क के तीसरे गोलमेज सम्मेलन को संबोधित करते हुए मिन्ह ने कहा कि भारत और आसियान समूह के बीच संबंधों के लिए अगले 5 से 10 साल काफी महत्वपूर्ण हैं.

 

इस सम्मेलन का मिन्ह और सुषमा ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया. मिन्ह ने कहा कि आसियान क्षेत्र के विकास में हमेशा भारत को एक महत्वपूर्ण तत्व के रूप में मानता रहा है. दोनों पक्षों ने रक्षा और सुरक्षा संबंधों को मजबूत बनाने पर भी चर्चा की. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी अगले महीने हनोई जाने वाले हैं.

World News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: India, Vietnam to boost defence, oil and business cooperation
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017