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By: | Updated: 11 Feb 2015 05:11 AM

वाशिंगटन: इस्लामिक स्टेट या अन्य समूहों में शामिल होने के लिए अन्रत्याशित संख्या में विदेशी लड़ाके सीरिया और इराक के लिए रवाना हो रहे हैं. ऐसा करने वाले दुनिया के करीब 20,000 लड़ाकों में से 3,400 तो पश्चिमी देशों के हैं. शीर्ष अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने आतंकवाद संबंधी चिंता पर जारी एक ताजा अनुमान में यह बात कही है.

 

अधिकारियों ने बुधवार को हुयी चर्चा में सदन की घरेलू सुरक्षा समिति को बताया कि खुफिया एजेंसियों का अब यह मानना है कि कम से कम 150 अमेरिकियों ने ऐसा करने की काशिश की थी और इनमें से कुछ तो सीरियाई युद्ध क्षेत्र में पहुंचने में सफल भी रहे. कुछ अमेरिकियों को रास्ते में ही गिरफ्तार कर लिया गया, कुछ की उस क्षेत्र में मौत हो गयी और कुछ अभी भी चरमपंथियों के साथ लड़ रहे हैं. हालांकि इनकी संख्या बहुत कम है.

 

राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र के प्रमुख निक रासमुसेन ने कहा कि सीरिया जाने वाले विदेशी लड़ाकों की तादाद, पिछले 20 वषरें में जिहाद के नाम पर अफगानिस्तान, पाकिस्तान, इराक, यमन या सोमालिया जाने वाले लड़ाकों की तादाद से कहीं ज्यादा है.

 

अमेरिकी अधिकारियों को यह डर है कि 90 देशों से गए विदेशी लड़ाकों में से कुछ जब यूरोप या अमेरिका में अपने घर लौटेंगे तो शायद उनकी असलियत का पता नहीं होगा और वे आतंकवादी हमलों को अंजाम दे सकते हैं.

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