बांग्लादेश में जमात प्रमुख को सजा-ए-मौत

By: | Last Updated: Wednesday, 29 October 2014 11:36 AM

ढाका: बांग्लादेश के एक विशेष न्यायाधिकरण ने बुधवार को जमात-ए-इस्लामी प्रमुख मतीउर रहमान निजामी को 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान युद्ध अपराध एवं अत्याचार के मामले में सजा-ए-मौत सुनाया है. मीडिया ने यह जानकारी दी.

 

समाचार पत्र, डेली स्टार के मुताबिक निजामी ने बांग्लादेश के गठन को विफल करने के लिए पाकिस्तानी सेना के मिलीशिया संगठन, अल-बद्र का नेतृत्व किया था. निजामी को अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण-1 ने बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के लगभग चार दशक बाद शुरू हुई ऐतिहासिक सुनवाई में उन पर लगाए गए 16 आरोपों में से आठ के लिए दोषी पाने के बाद आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई है. 

 

पूर्व उद्योग एवं कृषि मंत्री निजामी (71) के खिलाफ तय आरोपों में 43 साल पहले नौ महीनों तक चले रक्तपात के दौरान बुद्धिजीवियों की हत्या, नरसंहार, बलात्कार, और लूट जैसे अपराधों का नेतृत्व करने जैसे आरोप शामिल हैं. निजामी ने 2001 से 2003 तक कृषि मंत्री का पदभार संभाला था और उसके बाद खालिदा जिया के नेतृत्व में चार दलों के गठबंधन वाली सरकार में वह 2003 से 2006 तक उद्योग मंत्री का पदभार संभाल चुके हैं.

 

न्यायाधीश रहीम ने पूर्वाह्न् 11 बजे निजामी के खिलाफ अपना फैसला सुनाया. समाचार वेबसाइट बीडीन्यूज24 डॉट कॉम के अनुसार सुनवाई के वक्त न्यायाधिकरण के दो और न्यायाधीश जहांगीर हुसैन और मोहम्मद अनवारुल हक भी कड़ी सुरक्षा के बीच वकीलों और पत्रकारों के साथ न्यायालय में उपस्थित थे.

 

निजामी युद्ध अपराधों में दोषी पाए जाने वाले बांग्लादेश के तीसरे पूर्व मंत्री हैं. इधर, निजामी के वकीलों ने फैसले की निंदा की और कहा कि वे फैसले के खिलाफ अपील करेंगे.

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Web Title: Jamaat chief sentenced to death in Bangladesh
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