ब्रिटेन में मिली पैगंबर मोहम्मद के समय की कुरआन ?

By: | Last Updated: Wednesday, 22 July 2015 11:08 AM
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फोटो: बीबीसी

लंदन: ब्रिटेन के बर्मिंघम विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया है कि यहां के लाइब्रेरी में रखी कुरआन की पांडुलिपि दरअसल विश्व भर में कुरआन की सबसे पुरानी पांडुलिपि है. यह कम से कम 1370 वर्ष पुरानी है. इसका अर्थ यह है कि यह पांडुलिपि पैगंबर मोहम्मद के दौर की है.

 

रेडियोकार्बन विश्लेषण ने इस चर्मपत्र के बारे में 95.4 प्रतिशत की सटीकता के साथ यह सुनिश्चित किया है कि इसपर लेखन 568 से 645 ईसा पश्चात के बीच किया गया.

 

यह टेस्ट यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड की लैब में किया गया. इस टेस्ट में इस पांडुलिपि को पैगंबर मोहम्मद के दौर के आसपास का बताया गया है. पैगंबर मोहम्मद का जीवनकाल 570 और 632 ईसा पश्चात के बीच रहा है.

 

दो चर्मपत्रों वाली कुरान की इस पांडुलिपि में 18 से 20 तक सूरा (अध्याय) हैं. यह शुरूआती अरबी लिपि में स्याही से लिखा गया है. यह लिपि हिजाझी कहलाती है.

 

कुरआन की यह पांडुलिपि विश्वविद्यालय के मिंगाना संग्रह का हिस्सा है, जिसमें मध्यपूर्व की पांडुलिपियों का संग्रह है. इस संग्रह को कैडबरी शोध पुस्तकालय में रखा गया है.

 

कैडबरी शोध पुस्तकालय के स्पेशल कलेक्शन्स में निदेशक सुसैन वॉरेल ने कहा, ‘‘रेडियोकार्बन डेटिंग से मिले नतीजे रोमांचक हैं. इनसे कुरआन की प्राचीन लिखित प्रतियों को समझने में विशेष मदद मिलती है.’’

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