मलयेशियाई विमान हादसा: ओबामा ने उठाई रूस पर उंगली, अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग

By: | Last Updated: Saturday, 19 July 2014 6:33 AM
Obama reaches out to global leaders for investigation on MH17

नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन की सीमा पर मिसाइल से विमान गिराए जाने के बाद दुनिया में हड़कंप मच गया है. अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने रूस पर उंगली उठाई है. ओबामा ने कहा है कि विमान को उन विद्रोहियों ने गिराया जिन्हें रूस की तरफ से खतरनाक हथियार मुहैया कराया जाता है.

 

ओबामा ने कहा, ‘मलेशियाई एयरलाइंस के विमान को मार गिराया गया है. यह पूरी दुनिया के लिए त्रासदी है. इसकी जांच होनी चाहिए. सारी दुनिया की आंखें पूर्वी यूक्रेन पर जमी हैं और हम चाहेंगे कि सच्चाई सामने आए. इस बारे में कई गलत जानकारियां फैल रही हैं. संयुक्त राष्ट्र ने भी इस बात का समर्थन किया है.’

ओबामा ने अपने समकक्षों से संपर्क कर हादसे की निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय जांच कराने का आह्वान किया है. ह्वाइट हाउस ने एक बयान में कहा है कि ओबामा के साथ फोन पर हुई अलग अलग बातचीत में ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन, जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबोट ने विमान हादसे की त्वरित, पूर्ण, निर्विघ्न और पारदर्शी अंतरराष्ट्रीय जांच के लिए सहमति जताई.

 

बयान में कहा गया है ‘‘उन्होंने (ओबामा और मर्केल ने) दृढ़तापूर्वक दोहराया कि सभी पक्षों को घटना स्थल तक अंतरराष्ट्रीय जांचकर्ताओं को पूरी तरह, सुरक्षित और बिना किसी बाधा के पहुंचने देने की गारंटी देनी चाहिए ताकि बिना किसी विलंब के व्यापक और विश्वसनीय जांच हो सके.’’ व्हाइट हाउस के अनुसार ‘‘उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सभी सबूत यथास्थिति में रहें और यूक्रेन में ही रहें.’’

 

मलेशिया की फ्लाइट संख्या एम-एच 17 ने 283 मुसाफिरों और 15 क्रू मेंबर्स के साथ गुरुवार की रात एमस्टरडर्म से कुआलालांपुर के लिए उड़ान भरी थी लेकिन इसे रास्ते में एक मिसाइल हमले में मार गिराया गया. एमस्टर्डम के समय के मुताबिक दोपहर करीब एक बजे मलेशियाई विमान ने एमस्टरडर्म से उड़ान भरी थी. विमान में 283 मुसाफिर सवार थे साथ में थे 15 क्रू मेंबर्स. इसे करीब 9 घंटे लंबा सफर करना था. सब कुछ ठीक रहता तो रात करीब 10 बजे विमान क्वालामपुर के एयरपोर्ट पर उतर जाता लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

 

एम एच -17 ने सही वक्त पर उड़ान भरी. जर्मनी और पोलैंड होते हुए ये रूस की सीमा से सटे यूक्रेन के आसमान में जा पहुंचा. उस वक्त विमान की उंचाई थी करीब 33 हजार फीट तभी विमान का संपर्क टूट गया. अब तक मिली जानकारी मुताबिक उड़ान भरन के करीब साढ़े तीन घंटे के बाद विमान पर मिसाइल से हमला हुआ था और विमान रूस यूक्रेन सीमा के डोनेस्क इलाके में गिरकर आग के गोले में तब्दील हो गया.

 

यूक्रेन सरकार की जांच एजेंसियों ने सबसे पहले मौके पर पहुंचीं तो वहां सिर्फ तबाही की निशानियां थीं और दहशत की लपटें सुलग रही थीं.