दुनियाभर के विरोध को नकार पाकिस्तान ने 'नन्हे हत्यारे' को दी फांसी

By: | Last Updated: Wednesday, 5 August 2015 3:13 AM
Pakistan_hangs_Shafqat Hussain

कराची: मानवाधिकार समूहों के विरोध के बीच चार बार मृत्युदंड टलने के बाद पाकिस्तान ने आज एक ‘किशोर हत्यारे’ को फांसी दे दी. इन संगठनों ने बाद में देशभर में विरोध मार्च निकाले.

 

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शफाकत हुसैन के मामले पर काफी प्रतिरोध जताया गया और इस आधार पर उसकी फांसी का विरोध किया गया था कि वह 2004 में अपराध के समय वह किशोर था. उसे आज तड़के कराची केंद्रीय जेल में फांसी दे दी गयी.

 

फांसी की खबर फैलते ही मानवाधिकार और सामाजिक संगठनों ने कराची, इस्लामाबाद तथा देश के अन्य हिस्सों में मार्च निकाले. हुसैन के भाई गुल जमां ने पीटीआई से कहा कि उनके परिवार ने उसके भाई की मदद के लिए हरसंभव कोशिश की लेकिन सब बेकार रहीं.

 

उसने कहा, ‘‘मैंने जेल में अपने भाई से मुलाकात की. वह शांत था और पूरे समय दुआ कर रहा था.’’ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के निवासी हुसैन को कराची में सात वर्षीय एक लड़के को अगवा करने और उसकी हत्या करने के जुर्म में 2004 में गिरफ्तार किया गया और दोषी ठहराया गया. उसकी सभी अपीलें खारिज कर दी गयीं थीं.

 

पहले 14 जनवरी को उसे फांसी दी जानी थी लेकिन उसकी उम्र को लेकर विवाद बढ़ने के बाद फांसी टाल दी गयी. विभिन्न स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों का कहना था कि उसे 14 साल की उम्र में दोषी ठहराया गया और यह किशोर कानूनों का उल्लंघन है.

 

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानकों को दरकिनार कर उस पर मुकदमा चलाया गया और पाकिस्तान से उम्र समेत उन दावों की जांच कराने को कहा जिसमें कहा गया था कि उसने यातना के कारण अपराध स्वीकारा.

 

पाकिस्तान की किशोर न्याय प्रणाली के तहत 18 साल से कम उम्र में अपराध के लिए किसी को फांसी नहीं दी जा सकती. उसकी फांसी का विरोध करने वालों ने कहा कि उसकी उम्र को नजरंदाज किया गया.

 

गृह मंत्री निसार अली खान ने वकीलों की इन दलीलों की सत्यता का पता लगाने के लिए जांच का आदेश दिया था कि सजा सुनाए जाने के वक्त वह नाबालिग था. जांच के बाद पता चला कि अपराध के समय हुसैन की उम्र 23 थी.

 

हुसैन के वकील ने सबसे पहले इस्लामाबाद हाईकोर्ट में अपील की लेकिन उसकी याचिकाएं खारिज कर दी गयी. बाद में वह सुप्रीम कोर्ट गया लेकिन वहां भी उसकी उम्र को लेकर दलीलें खारिज कर दी गयी. फांसी चार बार टल चुकी थी.

 

पाकिस्तान ने पिछले साल पेशावर में एक स्कूल में तालिबान के हमले के बाद दिसंबर 2014 से फांसी पर से पाबंदी वापस ले ली थी. पेशावर हमले में 150 से ज्यादा लोग मारे गए थे.

 

फिर से फांसी दिए जाने की शुरूआत के बाद करीब 180 अभियुक्तों को फांसी दी जा चुकी है.

World News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: Pakistan_hangs_Shafqat Hussain
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017