लम्हों ने खता की, सदियों ने सजा पाई

By: | Last Updated: Wednesday, 17 December 2014 11:11 AM
peshawar attack

नई दिल्ली: पेशावर में कल जो कुछ हुआ, उसने सबको हिलाकर रख दिया है . 132 मासूम बच्चों की हत्या ! आखिर कौन है इन मासूमों का हत्यारा ? पहली नजर में लोग यही कहेंगे कि पाकिस्तान तालिबान के 7 आतंकवादियों ने ये खूनी खेल खेला है . लेकिन क्या ये सच है ? जी नहीं, ये अर्ध सत्य है . ये सात तालिबानी तो महज मोहरे थे . खूनी खेल का मास्टर तो कोई और है . कहीं ऐसा तो नहीं हैं कि इतिहास में पाकिस्तान ने जो एक भूल की है, आज उसी भूल की सजा वो भुगत रहा है ?

 

पाकिस्तान में तीन दिनों का मातम, पढ़ें जा रहे हैं सामूहिक नमाज़े जनाज़ा

तवारीख में दौर ऐसा भी गुजरा है

लम्हों ने खता की, सदियों ने सजा पाई

 

नाउम्मीदी की इंतिहा देखिए. अवाम के लोग कह रहे हैं कि अब मुस्तकबिल से भी कोई उम्मीद नहीं हैं. चिराग चारो तरफ रौशन है लेकिन दिल इस कदर अंधेरे में डूबा जा रहा है. पाकिस्तान की इस हालत के लिए कौन जिम्मेदार है? इस सवाल की पड़ताल से पहले जिस तहरीक-ए-तालिबान ने पेशावर में खूनी खेला है, उसके बारे में जान लें.

 

तालिब का शाब्दिक अर्थ होता है- धार्मिक शिक्षा प्राप्त करनेवाला छात्र और तहरीक का मतलब होता है- मुहिम या अभियान . मतलब- तहरीक-ए-तालिबान का शाब्दिक अर्थ है- धार्मिक शिक्षा प्राप्त छात्रों का धार्मिक आंदोलन . लेकिन तालिबान ने इस्लाम धर्म के नाम पर पेशावर में जो कुछ किया है, वह आपके सामने है.

 

अब सवाल उठता है कि किस कातिल का दामन इन मासूमों के खून से रंगा है ?

 

सबसे पहले 1994 में चंद सुन्नी कट्टरपंथियों ने दक्षिण अफगानिस्तान में तालिबान संगठन की नींव रखी थी . जब 1996 में तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा किया था तब दुनिया के केवल तीन देशों पाकिस्तान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने उसके शासन को मान्यता दी थी . बाद में साल 2007 में तहरीक-ए-तालिबान की पाकिस्तान में नींव पडी .

 

अब नवाज़ शरीफ बोले, पाक से ही नहीं इस पूरे इलाके से आतंकवाद खत्म करेंगे

तब से लेकर आजतक यही माना जाता रहा है कि तालिबान को पैदा करने से लेकर उसको पालने पोसने तक में पाकिस्तानी सरकार और सेना का हाथ रहा है लेकिन अब नवाज शरीफ कह रहे हैं कि वह अफगानिस्तान के साथ मिलकर तालिबान का नामो निशां मिटा देंगे .

 

नवाज शरीफ से पहले भी पाकिस्तान के हुक्मरानों ने यही बात कही थी. तालिबान सहित सभी आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात पाकिस्तान करते रहा है. लेकिन सच यही है कि धार्मिक कट्टरता के कोख से पैदा हुए सभी आतंकवादी संगठन पहले की तरह पाकिस्तान में फल फूल रहे हैं .

पेशावर: हरेक गली से जनाज़े निकल रहे हैं… एक बच्चे को तो नौ गोलियां मारी गई

पेशावर हमला: बुलेटिन करते वक्त रो पड़ी एंकर सनम बलोच

देश के बड़े शहरों में हाई अलर्ट

पेशावर हमला: अफगान तालिबान ने हमले को बताया ‘गैर-इस्लामिक’ पेशावर में मारे गए बच्चों को संसद के दोनों सदनों में दी गई श्रद्धांजलि 

 

World News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: peshawar attack
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: Pakistan peshawar
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017