राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का भूटान में जोरदार स्वागत

By: | Last Updated: Friday, 7 November 2014 4:29 PM
president Bhutan visit

थिंपूः राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की अगवानी के लिए सारे प्रोटोकॉल दरकिनार करते हुए भूटान ने शुक्रवार को उनका जोरदार स्वागत किया है. पांच महीने के भीतर भारत से भूटान का यह दूसरा शीर्षस्तरीय दौरा है.

 

मुखर्जी अपने दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को भूटान पहुंचे हैं. राष्ट्रपति के आगमन पर भूटान नरेश जिग्मे खेशर नामग्येल वांगचुक ने उनका स्वागत किया. राष्ट्रपति के स्वागत में आधा थिंपू सड़कों पर उमड़ पड़ा.

 

प्रधानमंत्री पद पर आसीन होने के बाद नरेंद्र मोदी 15-16 जून को दो दिवसीय दौरे पर भूटान गए थे, तब उनका स्वागत भी इसी गर्मजोशी के साथ हुआ था. 26 वर्षो के दौरान भारत के राष्ट्रपति की यह पहली थिंपू यात्रा है.

 

भूटान के कुएनसेल दैनिक को एक साक्षात्कार में मुखर्जी ने उन खबरों को खारिज किया, जिसमें कहा गया है कि वह बीजिंग तथा थिंपू के बीच होने वाली सीमा वार्ता के मद्देनजर यहां पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि भारत-भूटान संबंध अपने बूते है.

 

मुखर्जी ने कहा, “हमारे लिए यही काफी है कि हम साथ मिलकर काम कर रहे हैं और इसी क्षमता के दम पर हम भविष्य में नई ऊंचाइयों को छुएंगे. हमें किसी तीसरे पक्ष या तीसरे देश की जरूरत नहीं है. भूटान-चीन वार्ता से मेरी यात्रा का कोई लेना-देना नहीं है.”

 

भूटान का चीन से कोई कूटनीतिक संबंध नहीं है, लेकिन पिछले कुछ वर्षो से चीन थिंपू पर लगातार दबाव बना रहा है और यहां अपने मिशन को खोलने के लिए अनुमति मांग रहा है, जिसका भूटान विरोध कर रहा है.

 

भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से मुखर्जी शुक्रवार सुबह पारो पहुंचे, जहां से वह थिंपू पहुंचे. मुखर्जी के आगमन पर भारत और भूटान के झंडे हाथों में थामे सैकड़ों बच्चों ने कतार में खड़े होकर उनका स्वागत किया. पिछले 26 वर्षो में भारत के किसी राष्ट्रपति का यह पहला भूटान दौरा है.

 

थिंपू के रास्ते में जगह-जगह पर ग्रामीण अपने गणमान्य अतिथि के स्वागत में फल, फूल तथा धूप लेकर आए थे.

 

इस दौरे पर राष्ट्रपति के साथ रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मुख्तार अब्बास नकवी, विदेश सचिव सुजाता भूटान पहुंचे हैं.

 

राष्ट्रपति ने भूटान नरेश के साथ 45 मिनट तक वार्ता की. इस दौरान सुरक्षा के मुद्दों पर भी बात हुई. एक अधिकारी ने नरेश जिग्मे के हवाले से कहा कि भूटान तथा भारत की सुरक्षा आपस में जुड़ी है और भारत में होने वाली घटनाओं का असर भूटान पर भी पड़ेगा.

 

शनिवार दोपहर दिल्ली प्रस्थान करने से पहले वह दोनों देशों के बीच पनबिजली सहयोग की विशेष प्रस्तुति के साक्षी बनेंगे.

 

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2008 में दोनों सरकारों ने बिजली उत्पादन क्षमता को वर्ष 2020 तक न्यूनतम 10 हजार मेगावाट करने पर सहमति जताई थी तथा 10 अतिरिक्त परियोजनाओं की पहचान की थी.

World News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: president Bhutan visit
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017