जापान में हुआ रेटिना का सफल ट्रांसप्लांट

By: | Last Updated: Saturday, 13 September 2014 2:15 PM
retina transplant

टोक्योः जापान के चिकित्सकों ने इंड्यूस्ड प्लूरीपोटेंट स्टेम कोशिकाओं (आईपीएस) से विकसित रेटिना का सफलतापूर्वक पहला ट्रांसप्लांट किया है. यह ट्रांसप्लांट आंखों के मैकुलर क्षय से पीड़ित 70 वर्षीय एक बुजुर्ग का किया गया है.

 

उल्लेखनीय है कि आंखों की रेटिना में स्थित मैकुला ही प्रकाश गहण करने वाला हिस्सा है.

 

जापान के दक्षिण में स्थित कोब शहर के इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल रिसर्च एवं इनोवेशन में रिकेन इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों की देखरेख में शुक्रवार को यह प्रत्यारोपण हुआ.

 

इस प्रत्यारोपण के लिए शोधकर्ताओं ने महिलाओं के त्वचा के नमूनों का इस्तेमाल आईपीएस कोशिकाओं को विकसित करने के लिए किया था. इसके बाद उसे मरीज के मैकुला की जगह प्रत्यारोपित कर दिया गया.

 

वैज्ञानिकों ने कहा कि प्रत्यारोपण की प्राथमिकता आंखों की रोशनी वापस लाना नहीं, बल्कि प्रत्यारोपण से पड़ने वाले विपरीत प्रभावों का निर्धारण था.

 

उल्लेखनीय है कि मैकूलर में क्षय बढ़ती उम्र का प्रभाव होता है. वर्तमान में जापान में लगभग सात लाख लोगों के अंधेपन का यह मुख्य कारण है.

World News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: retina transplant
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017