मुक्केबाज रस्किन बॉन्ड के अयोग्य ठहराए जाने की दिलचस्प दास्तां..

By: | Last Updated: Wednesday, 24 September 2014 11:45 AM
ruskin bond

नई दिल्ली: चर्चित लेखक रस्किन बॉन्ड के जीवन में सिर्फ किताबें ही नहीं रहीं बल्कि उन्होंने अपनी युवावस्था में कई विधाओं में हाथ आजमाया था. इस लोकप्रिय रचनाकार ने एक फुटबॉल गोलकीपर, हॉकी खिलाड़ी, एथलीट, एक वक्ता के अलावा मुक्केबाज के तौर पर भी अपना कौशल दिखाया था.

 

बॉन्ड को मुक्केबाजी पसंद नहीं थी. अपने बोर्डिंग स्कूल बिशप कॉटन्स में मुक्केबाजी के मुकाबलों के दौरान वे अक्सर अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ फाउल करते थे जिसके कारण उन्हें अयोग्य ठहरा दिया जाता था.

 

स्कूल में वे गीत संगीत में रूचि लेते थे, लेकिन बेसुरी आवाज के कारण उन्हें गाना नहीं गाने की हिदायत दी जाती थी.

 

इन रोचक किस्सों का उन्होंने अपनी किताब ‘‘अंकल, आंटी एंड एलिफैंट: टेल्स फ्रॉम योर फेवरिट स्टोरीटेलर’’ में भी जिक्र किया है.

 

‘‘रीडिंग वाज माई रिलीजन’’ शीषर्क वाले अध्याय में उन्होंने लिखा है ‘‘15 साल की उम्र के बाद मैं एक बेहतरीन फुटबॉल गोलकीपर, हॉकी खिलाड़ी और एथलीट था. मैं स्कूल के नाटकों में अभिनय करता था और वाद विवाद प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लेता था. मैं एक बेहतर मुक्केबाज नहीं था – यह खेल मुझे नापसंद था. लेकिन मैंने अपने सिर का बेहतरीन उपयोग सीखा और अपने प्रतिद्वन्द्वी के सिर में या मध्य भाग में चोट पहुंचाकर खुद को अयोग्य ठहराने में सफल हो जाता था.’’

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Web Title: ruskin bond
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