सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला का 90 वर्ष की उम्र में निधन

By: | Last Updated: Friday, 23 January 2015 4:19 AM
Saudi Arabia’s King Abdullah dies at 90

अमेरिकी सहयोगी और सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला का 90 वर्ष की उम्र में निधन हो गया.

रियाद/नई दिल्ली: अलकायदा के खिलाफ युद्ध में वॉशिंगटन का साथ देने वाले और महत्वपूर्ण सुधारों के जरिए अत्यधिक रूढ़िवादी मुस्लिम समाज को आधुनिक बनाने की कोशिश करने वाले अमेरिकी सहयोगी और सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला का निधन हो गया. यह जानकारी सऊदी सरकारी टीवी ने दी.

 

वह 90 वर्ष के थे. उनके द्वारा किए गए महत्वपूर्ण सुधारों में महिलाओं के लिए बड़े अवसरों की राहें खोलना भी शामिल था.

 

अपने बेहद सतर्क एवं संकीर्ण विचारों वाले पूर्ववर्तियों की तुलना में अब्दुल्ला ने तेल के धनी अपने देश के माध्यम से पश्चिम एशिया को एक खास आकार देने में मदद की. उनकी प्राथमिकता अपने प्रतिद्वंद्वी के प्रभाव का मुकाबला देने की थी, खासतौर पर शिया बहुल ईरान के संदर्भ में.

 

वह और सुन्नी बहुल अरब में समकक्ष राजतंत्र ने भी पश्चिम एशिया में लोकतंत्र के समर्थन में होने वाली क्रांतियों को अपने शासन के लिए और स्थिरता के लिए खतरे के रूप में देखते हुए उसका विरोध किया.

 

उन्होंने कई देशों में तेहरान के सहयोगियों के खिलाफ सुन्नी मुस्लिम धड़ों का समर्थन किया. लेकिन लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्ला को उसका प्रभाव स्थापित करने से रोकने में यह नीति विफल रही.

 

इसके अलावा तेहरान एवं रियाद की महत्वाकांक्षाओं के मध्य टकराव ने क्षेत्र में ऐसे हालात पैदा किए, जिनसे सुन्नी-शिया के बीच बैरभाव बढ़ गया. सीरिया के गृहयुद्ध में इसका सबसे भयावह रूप देखने को मिला, जहां दोनों देश एक दूसरे के विरोधी पक्षों का समर्थन कर रहे थे. इस संघर्ष ने सुन्नी उग्रवाद को बढ़ावा दिया जिससे सऊदी अरब के लिए ही खतरा हो गया. शाह ने वाशिंगटन के साथ ऐतिहासिक तौर पर करीबी संबंध बनाए रखे. लेकिन उन्होंने इन संबंधों को सऊदी अरब की शर्तों पर स्थापित करने की कोशिश की, जिसके चलते संबंधों में टकराव हुआ.

 

इस्राइल-फलस्तीन के विवाद पर वाशिंगटन द्वारा अपनी मध्यस्थता में कोई हल न निकाल पाने के कारण वह लगातार निराश रहे. उन्होंने ओबामा प्रशासन पर इस बात को लेकर जोर भी डाला कि वह ईरान के खिलाफ कड़ा रूख अपनाए और सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असाद को उखाड़ फेंकने के लिए लड़ रहे मुख्यत: सुन्नी विद्रोहियों का समर्थन करे.

 

अब्दुल्ला के निधन की घोषणा सऊदी सरकारी टीवी पर एक प्रस्तोता द्वारा की गई, जिसने कहा कि शाह का निधन आज रात एक बजे हुआ.

 

सऊदी प्रेस एजेंसी में शाही अदालत के बयान के अनुसार, उनके 79 वर्षीय छोटे भाई, शहजादे सलमान को उनका उत्तराधिकारी घोषित किया गया है. सलमान ने हाल ही में बीमार शाह की कुछ जिम्मेदारियां संभाल ली थीं.

 

अब्दुल्ला का जन्म वर्ष 1924 में रियाद में हुआ था. वह सऊदी अरब के संस्थापक शाह अब्दुल-अजीज अल सउद के एक दर्जन पुत्रों में से एक थे. अब्दुल अजीज के सभी बेटों की तरह अब्दुल्ला को भी प्रारंभिक शिक्षा ही मिली थी.

 

अच्छी कदकाठी वाले शाह अब्दुल्ला को राज्य के रेगिस्तानी इलाके नेज़्ड में रहना ज्यादा पसंद था. वहां वह घुड़सवारी और बाजों का शिकार करते थे. उनकी सख्त परवरिश की झलक उस समय मिली थी, जब उन्हें युवावस्था में तीन दिन जेल में बिताने पड़े थे. यह सजा उन्हें उनके पिता ने दी थी क्योंकि वह एक आगंतुक को बैठने के लिए जगह देने की खातिर अपने स्थान से नहीं उठे थे. यह बडूइन :अरब में एक जातीय समूह: मेहमाननवाजी का उल्लंघन था.

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Web Title: Saudi Arabia’s King Abdullah dies at 90
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