अब चख सकेंगे अनुवांशिक संशोधित 'स्मार्ट' फल

By: | Last Updated: Thursday, 14 August 2014 3:34 PM

लंदन: जल्द ही आप वैसे सेब खा सकेंगे, जिन्हें काटने के बाद उनका रंग भूरा नहीं होगा, वहीं आप विटामिन ‘ए’ से भरपूर सुपर केले का स्वाद भी चख सकेंगे. क्योंकि बहुत जल्द अनुवांशिक अभियांत्रिकी से पैदा किए गए ‘स्मार्ट’ फल बाजारों में उपलब्ध होंगे.

 

भारतवंशी शोधकर्ता चिदानंद एन. कांचीस्वामी के अनुसार, गुणसूत्रों के सटीक संपादन (हेरफेर) से फलों और फसलों को विदेशी जीन की मदद के बिना आनुवांशिक रूप से बेहतर बनाने की संभावनाओं को मौका मिला है. 

 

इटली के इंस्टीट्यूटो एगरेरियो सेन मिशेल में कार्यरत चिदानंद ने कहा, “अगर हम विदेशी जीन को नजरअंदाज करें, तो साधारण आनुवांशिक संशोधित फसलें ट्रांसजेनिक फसलों से कहीं अधिक प्राकृतिक होती हैं.”

 

उन्होंने कहा, “आनुवांशिक रूप से संशोधित फलों और फसलों को समाज में अधिक स्वीकार्यता मिल सकती है, बजाय अनुवांशिक संशोधित जीव (जीएमओ) के, जो अब तक एकमात्र विकल्प था.”

 

चिदानंद ने कहा, “फलों में गुणसूत्र संशोधन सीआरआईएसपीआर और टीएएलईएन के आगमन के बाद संभव हो सका है. इनकी मदद से फलों के गुणसूत्रों के बारे में अधिक जानकारियां भी मिली हैं.”

 

उन्होंने कहा, “फलों और फसलों का आनुवांशिक संशोधन एक उदाहरण भर है. जीएमओ विधि की मदद से भविष्य में कई महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी खोज की जा सकती है.”

यह शोध जर्नल ‘ट्रेंड्स इन बॉयोटेक्नोलॉजी’ में प्रकाशित हुआ है.

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Web Title: smart fruit_london_chidanand an kanchiswami
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