मलेशियाई विमान पर मिसाइल अटैक में 298 की मौत, मलेशिया ने जांच के आदेश दिए

By: | Last Updated: Friday, 18 July 2014 1:37 AM
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नई दिल्ली: रूस की सीमा के समीप युद्ध प्रभावित यूक्रेन में गुरूवार रात मलेशियाई एयरलाइंस के एक विमान को ‘आतंकवादियों’ ने मार गिराया गया जिससे उसमें सवार सभी 298 लोगों की मौत हो गई. हिंद महासागर में मलेशियाई विमान एमएच 370 के रहस्यमय ढंग से लापता होने के चार महीने बाद यह हादसा हुआ है .

मलेशियाई एयरलाइंस का विमान बोइंग 777 एम्सटर्डम से कुआलालंपुर जा रहा था. उसमें 283 यात्री और चालक दल के 15 सदस्य मौजूद थे.

 

मलेशिया एयरलाइंस ने पुष्टि की है कि उसे यूक्रेन के एयर ट्रैफिक कंट्रोल से सूचना मिला थी कि भारतीय समयानुसार आठ बजकर 45 मिनट पर उसका संपर्क विमान एमएच 17 से खत्म हो गया था. उस वक्त विमान रूस-यूक्रेन सीमा से करीब 50 किलोमीटर दूर तमाक के पास था.

 

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने आतंकी हमला बताया-

यूक्रेन सरकार ने दावा किया है कि रूस समर्थक विद्रोहियों ने मिसाइल दागकर विमान को निशाना बनाया. यूक्रेन के राष्ट्रपति ने इसे आतंकी हमला बताया. यूक्रेन के राष्ट्रपति पेत्रो पोरोशेन्को का कहना है कि उनके देश की हवाई सीमा में विमान को संभवत: मार गिराया गया हो. यूक्रेन के अधिकारियों ने रूस समर्थक विद्रोहियों पर विमान को मार गिराने का आरोप लगाया है.

 

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यूक्रेन के गृहमंत्रालय के सलाहकार एंटन हेराश्शेंको ने कहा, ‘‘मलेशिया एयरलाइंस का विमान बोईंग 777 के पूर्वी यूक्रेन में हादसे का शिकार होने से करीब 300 लोगों की मौत हुई है .’’ उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘विमान 10,000 मीटर की उंचाई पर उड़ रहा था. हादसे में 280 यात्री और चालक दल के 15 सदस्य मारे गए हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘यूक्रेन की सीमा में आतंकवादियों ने जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली ‘बक’ का इस्तेमाल कर विमान को मार गिराया.’’ दूसरी ओर मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रजाक ने इस हादसे की तुरंत जांच की घोषणा की है.

 

फ्लाइट मिस होने की वजह से मलेशियाई विमान हादसे से बचा एक परिवार

मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर जा रहे एक परिवार की बाल-बाल जान बच गई. फ्लाइट मिस होने की वजह से विमान बदलना पड़ा था. मलेशियाई विमान की राजधानी कुआलालंपुर जा रहे एक परिवार की बाल-बाल जान बच गई. फ्लाइट मिस होने की वजह से विमान बदलना पड़ा था. इस खुशकिस्मत दंपत्ति के साथ उनका एक छोटा सा बच्चा भी था. इनका कहना था कि मैं उसी फ्लाइट से जाने के लिए अपनी फ्लाइट बदलने वाला था लेकिन हम उस फ्लाइट में नहीं जा सके इसलिए हमने फ्लाइट बदल ली.

मिसाइल हमले में मारे गए लोगों में सबसे ज्यादा नीदरलैंड्स के यात्री थे. नीदरलैंड्स के 154 लोग विमान में सवार थे. मलेशियाई विमान में सवार 41 लोगों की अभी पहचान नहीं हो पाई है.

 

हादसे का वीडियो सामने –

जिस इलाके में मलेशियाई विमान पर हमला हुआ है वहां यूक्रेनी सेना और रूस समर्थक अलगाववादियों के बीच भीषण संघर्ष चल रहा है. मलेशियाई विमान हादसे का एक वीडियो इंटरनेट के जरिए सामने आया है जिसमें विमान में आग लगने के बाद धुआं उठता दिख रहा है. वीडियो इंटरनेट पर किसने डाला इसका पता नहीं चला है. विमान के जलते टुकड़ों को रूसी सीमा से 50 किमी दूर पूर्वी यूक्रेन के विद्रोहियों के नियंत्रण वाले इलाके दोनेत्स्क के ग्राबेवो गांव में गिरते देखा गया.

ओबामा ने विमान हमले को दुखद घटना बताया
पूर्वी यूक्रेन में दुर्घटनाग्रस्त हुए मलेशियाई विमान को ‘‘बड़ा हादसा’’ बताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आज कहा कि अधिकारी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि उसमें सवार लोगों में कोई अमेरिकी नागरिक भी था या नहीं.

 

मलबा मिलने वाले इलाके में हैं रूस समर्थक विद्रोही-

रूसी सीमा से करीब 40 किलोमीटर दूर ग्राबोवो गांव के पास विमान का जलता हुआ मलबा और शव देखे जा सकते हैं . विमान का मलबा एक वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है. सूचनाओं के अनुसार इस क्षेत्र में रूस समर्थक व्रिदोही सक्रिय हैं.

 

विद्रोही गतिविधियों से प्रभावित यूक्रेन के दोनेत्स्क क्षेत्र के तोरेज शहर के प्रत्यक्षदर्शियों ने ‘आरआईए नोवोस्ती’ संवाद समिति को बताया कि क्षेत्र में विमान का मलबा और शव मिले हैं .

 

रूस-यूक्रेन का झगड़ा का क्या है ?-

पिछले कुछ समय से रूस और यूक्रेन में झगड़ा चल रहा है. सोवियत संघ से अलग होने के बाद यूक्रेन अलग देश बना था. पिछले कुछ समय से रूस से सटे यूक्रेन के इलाके एक बार फिर रूस के साथ मिलना चाहते हैं जिसका यूक्रेन विरोध कर रहा है. यूक्रेन का आरोप है कि रूस की ओर से विद्रोहियों को मदद की जा रही है. इसी बात को लेकर रूस और यूक्रेन के बीच तनातनी चल रही है.

 

भारतीय विमान सेवाओं एयर इंडिया और जेट एयरवेज तथा विदेशी सेवाओं लुफ्तांसा और एयर फ्रांस सहित कई कंपनियों ने कहा है कि वह वे पूर्वी यूक्रेन की हवाई सीमा से गुजरने से बचेंगी .