यूएन: युद्ध के दौरान रेप जैसी घटनाओं से बचाई जाएं लड़कियां और महिलाएं

By: | Last Updated: Saturday, 31 January 2015 7:30 AM
UN urged to protect girls and women from rape in conflict

प्रतीकात्मक तस्वीर

संयुक्त राष्ट्र: यौन हिंसा की शिकार महिलाओं की मद्द के लिए संस्था चलाने वाली एक सोमालियाई महिला ने सुरक्षा परिषद से संघषर्रत क्षेत्रों में तैनात संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों और कर्मियों को हिंसा और अन्य अपराधों से बचाने के लिए प्रयास तेज करने की अपील की है. मानवाधिकार और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने में सक्रिय विभिन्न गैर सरकारी संगठनों की ओर से इलवाद इलमन ने कल कहा कि यौन हिंसा को कतई बर्दाश्त न करने की संयुक्त राष्ट्र की नीति को दृढ़ता से प्रभावी बनाया जाना चाहिए और सभी अपराधियों के लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए.

 

इलमन ने सभी सशस्त्र समूहों और सुरक्षाबलों के लिए भी ‘ज्यादती’ के मामलों में जवाबदेही तय करने पर जोर दिया. मानवीय मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र में सहायक महासचिव यूंग वा केंग ने चेताया कि सीरिया, इराक, यमन, लीबिया, कांगो, नाइजीरिया, दक्षिण सूडान, सूडान, यूक्रेन और अन्य ‘संघषर्रत देशों में नागरिकों के खिलाफ हिंसा तथा क्रूरता के मामले लगातार बढ़ रहे हैं.’’ केंग ने बताया कि 2014 के शुरू में, मानवीय संगठनों से 5.2 करोड़ लोगों की तत्काल मद्द और सुरक्षा के लिए अपील की गई थी. वहीं, साल के अंत तक इस तरह के मामलों में 50 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह आंकड़ा 7.6 करोड़ हो गया.

 

उन्होंने बताया कि मद्द मांगने वालों में ज्यादातर महिलाएं और लड़कियां थीं जो यौन हिंसा से बुरी तरह प्रभावित हुई थीं.  केंग ने कहा कि खुद को इस्लामिक स्टेट कहने वाले चरमपंथी समूह ने अपनी ताकत दिखाने के लिए महिलाओं का उपयोग किया और उन्हें सजा दी. सीरिया और इराक के बड़े हिस्से पर कब्जा कर चुके इस समूह के लड़ाकों ने महिलाओं से बार बार रेप किया, उन्हें विवाह करने के लिए बाध्य किया और उन्हें गुलामी के लिए बेचा.

 

उन्होंने कहा कि नाइजीरियाई महिलाओं और लड़कियों ने बोको हराम की प्रताड़ना और क्रूरता के दिल दहला देने वाले अनुभव बताए हैं. अफगानिस्तान में महिलाओं और लड़कियों के घायल होने एवं मारे जाने का सिलसिला जारी है और आंकड़े चौंकाने वाले हैं. सार्वजनिक जीवन में सक्रिय महिलाओं और शिक्षा की आकांक्षी लड़कियों पर लक्षित हमले किए जा रहे हैं.

 

रेडक्रॉस की अंतरराष्ट्रीय समिति में अंतरराष्ट्रीय कानून और नीति संबंधी निदेशक हेलेन दुरहैम ने कहा कि महिलाओं, बच्चों और असहाय लोगों को निशाना बनाए जाने से बचाने का एकमात्र महत्वपूर्ण तरीका यह सुनिश्चित करना है कि सरकारें और सशस्त्र समूह नागरिकों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के तहत अपनी विधिक बाध्यताओं का पालन करें.

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Web Title: UN urged to protect girls and women from rape in conflict
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