पूर्व रक्षामंत्री लियोन पनेटा की किताब में ओबामा की ओलाचना को व्हाइट हाउस ने किया खारिज

By: | Last Updated: Tuesday, 7 October 2014 6:01 AM
white house rejects criticism of us president obama in former defence minister’s leon panetta book worthy fights

अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा.

वाशिंगटन: पूर्व रक्षामंत्री लियोन पनेटा द्वारा की गई अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की ओलाचना को व्हाइट हाउस ने खारिज कर दिया है. पनेटा ने दावा किया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति में नेतृत्व का जुनून नहीं है. अपनी नई किताब ‘वर्दी फाइट्स: ए मेमॉयर ऑफ लीडरशिप इन वार एंड पीस’ के बारे में साक्षात्कार देते हुए पनेटा ने तर्क दिया है कि इस्लामिक स्टेट के संदर्भ में राष्ट्रपति ओबामा द्वारा पिछले तीन सालों में लिए गए फैसलों ने इस युद्ध को और भी मुश्किल बना दिया है.

उनके इस आकलन पर व्हाइट हाउस ने तत्काल कड़ी प्रतिक्रिया दी है. व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जोश अर्नेस्ट ने कल कहा, ‘‘मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ही वह व्यक्ति हैं, जो एजेंडा तय कर रहे हैं. राष्ट्रपति ही इसे एक वृहद रूप देते हुए अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बना रहे हैं.’’ अर्नेस्ट ने कहा, ‘‘हमें इस तरह के अंतरराष्ट्रीय गठबंधन को लेकर प्रसन्नता है जो एक साथ आ रहा है और प्रतिदिन मजबूत हो रहा है. पिछले सप्ताह के आसपास तुर्की के साथ-साथ डेनमार्क जैसे देशों, बेल्जियम और अन्य की ओर से इस व्यापक प्रयास के लिए सहयोग देने की प्रतिबद्धताएं जताई गईं.’’

 

उन्होंने कहा कि अमेरिका इस बात को लेकर आश्वस्त है कि इस तरह का व्यापक और अंतरराष्ट्रीय प्रयास उस रणनीति को लागू करने में सफल होगा, जिसे राष्ट्रपति ने तैयार किया है. अर्नेस्ट ने कहा कि ओबामा को इस बात का गर्व है कि पनेटा ने उनके राष्ट्रीय सुरक्षा दल में सीआईए के निदेशक और रक्षामंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं.

 

उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी व्यक्ति, जो किसी प्रशासन में किसी अहम पद पर रहा हो, उसे इस बात का फैसला करना होता है कि उसे अमेरिकी राष्ट्रपति को अपनी सेवाएं देने के अनुभव के बारे में कब, क्या और कैसे बोलना है? और अपना अनुभव बांटने के जिस निष्कर्ष पर पनेटा पहुंचे हैं, उसका आकलन मैं औरों पर छोड़ता हूं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रपति को अपने द्वारा किए गए नेतृत्व के रिकॉर्ड पर गर्व है. इसका यह अर्थ नहीं है कि काम पूरा हो गया. असल में काम जारी है.’’ अर्नेस्ट ने माना कि कार्य मुश्किल था. उन्होंने कहा कि यह कार्य देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण था.

 

उन्होंने कहा, ‘‘यह बेहद महत्वपूर्ण है कि हमारे पास एक ऐसा अमेरिकी राष्ट्रपति है, जो हमारे मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के पास ले जाने के लिए और हमारे सहयोगियों को इसमें शामिल करने के लिए तैयार है.’’ उन्होंने कहा कि चाहे यह इबोला महामारी के कारणों पर विवाद हो या आईएसआईएल के साथ युद्ध , समाधन बैठे.बिठाए नहीं मिल सकता. यही वजह है कि अमेरिका इन समस्याओं को हल करने के लिए राष्ट्रपति के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय समुदाय में एक अहम भूमिका निभाने की खातिर एक कदम आगे रहेगा.

 

‘‘यूएसए टुडे’’ को दिए साक्षात्कार में पनेटा ने कहा कि ओबामा ने भारी भूल की थी, जब उन्होंने वर्ष 2011 में इराक से सैनिकों के निकलने के बाद इराकी सरकार पर इस बात के लिए ज्यादा दबाव नहीं डाला कि वहां कुछ अमेरिकी बल मौजूद रहें. उन्होंने दावा किया, ‘‘इससे उस देश की खुद की सुरक्षा करने की क्षमता के मामले में एक निर्वात पैदा हो गया. इसी निर्वात में आईएसआईएएस ने फलना-फूलना शुरू कर दिया.’’

 

पनेटा ने ओबामा की आलोचना करते हुए यह भी कहा है कि उन्होंने वर्ष 2012 में सीरियाई विद्रोहियों को हथियार उपलब्ध कराना शुरू करने के दौरान पनेटा और तत्कालीन विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन समेत कई शीर्ष सहयोगियों की सलाह को नजरअंदाज किया था. उनके अनुसार, ओबामा ने एक भारी भूल यह भी की थी कि उन्होंने असद को उसकी जनता के खिलाफ रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल न करने की चेतावनी तो दी लेकिन जब वर्ष 2013 में यह ‘लक्ष्मण रेखा’ लांघी गई तो वह कार्रवाई करने में विफल रहे.

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