स्कॉटलैंड: शुरुआती परिणाम यूनाइटेड किंगडम के पक्ष में

By: | Last Updated: Thursday, 18 September 2014 4:26 PM
why Scotland want freedom?

नई दिल्ली : दुनिया भर की निगाहें इस वक्त स्कॉटलैंड की जनता पर लगी हैं जो ना सिर्फ स्कॉटलैंड बल्कि यूनाइटेड किंगडम का भविष्य तय करने वाली हैं.

 

 

# शेटलैंड आइलैंड की जनता ने भी अलग देश न बनने के लिए मत दिया है.  36.29 प्रतिशत जनमत संग्रह के साथ हैं तो वहीं 63.71 प्रतिशत मत न को मिले हैं. अभी तक आए तीन नतीजों के आधार पर 38, 991 लोगों ने न के पक्ष में वोट डाला है जबकि हां के लिए 26,902 लोगों ने वोट दिया.

 

# ओर्कनी आइलैंड में 32. 80 प्रतिशत मत हां के पक्ष में जबकि 67.20 प्रतिशत मत न के पक्ष में

 

# अभी तक क्लाकमांनांशायर से जो रिजल्ट आए हैं उसका नतीजा – 16,350 वोट (46.2 प्रतिशत वोट) हां में और 19,036 वो (53.8 प्रतिशत वोट) ना में.    

 

# स्थानीय समयानुसार 10 बजकर 45 मिनट पर काउंटिंग शुरु की जाएगी. रात के डेढ़ बजे दूसरे राउंड की काउंटिंग होगी. सुबह 5 बजे के आस-पास परिणाम आने की संभावना.

 

# स्थानीय समय के अनुसार रात 10 बजे जनमत संग्रह खत्म होने के बाद अब सबकी नजर काउंटिंग पर है. उधर नतीजों की जानकारी के लिए मंच भी सज चुका है.

 

307 साल पुराने इतिहास को यहां की जनता ”हां” और ”न” के सहारे बदलने जा रही है. 42 लाख आबादी वाले स्कॉटलैंड में जनमत संग्रह का सहारा लिया.

 

 

आजादी क्यों चाहता है स्कॉटलैंड

 

जनमत संग्रह में शामिल स्कॉटलैंड के 42 लाख लोगों में से एक तिहाई ये मानते हैं कि इंग्लैंड के साथ 300 से भी ज्यादा पुरानी राजनीतिक यूनियन का अंत होना चाहिए और स्कॉटलैंड को यूनाइटेड किंगडम से अलग और आजाद हो जाना चाहिए.

 

इन लोगों की दलील है कि अगर स्कॉटलैंड को और ज्यादा स्वायत्तता मिली होती तो आज हालात एकदम अलग होते. ना सिर्फ स्कॉटलैंड की अर्थव्यवस्था बेहतर होती. बल्कि सामाजिक नीतियों में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलता.

 

हालांकि स्कॉटलैंड में बहुमत इन दलीलों से सहमत नहीं है उसका मानना है कि यूके में रहकर स्कॉटलैंड ज्यादा सुरक्षित है. कुछ लोग ऐसे भी हैं जो स्कॉटलैंड की संसद को और ज्यादा वित्तीय और कानूनी शक्तियां देने की बात कर रहे हैं.

 

यूनाइटेड किंगडम का हिस्सा होने के बावजूद स्कॉटलैंड की अपनी संसद है. स्कॉटिश संसद के सदस्य शिक्षा, स्वास्थ्य, और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर कानून बना सकते हैं. लेकिन रक्षा, विदेश नीति, रोजगार, व्यापार और ऊर्जा जैसे मुद्दों पर उसका कोई नियंत्रण नहीं है. स्कॉटिश की संसद में इस्तेमाल होने वाला ज्यादातर पैसा आज भी यूके सरकार की तरफ से दिया जाता है.

 

स्कॉटलैंड की आजादी की मांग के पीछे की वजहों को जानने की कोशिश करें तो कई और बड़े मुद्दे सामने आते हैं. वोटिंग में शामिल कई लोग स्कॉटलैंड की मौजूदा हालत से खुश नहीं हैं. उन्हें लगता है कि वो ब्रिटेन की राजनीति से जानबूझकर दूर रखे जाते हैं. स्कॉटलैंड के बंदरगाहों पर परमाणु हथियार रखने के यूके सरकार के फैसले पर भी लोग सवाल उठाते रहे हैं.

 

बंटवारे के खिलाफ क्यों यूके सरकार?

 

यूरोपियन रिसर्च सेंटर के मुताबिक यूके पूरे यूरोपियन यूनियन का 75 फीसदी तेल का उत्पादन करता है. इसमें से 90 फीसदी स्कॉटलैंड से ही आता है. 2012 के आंकड़े बताते हैं कि स्कॉटिश तेल का यूके की अर्थव्यवस्था में करीब 40 अरब डॉलर यानी 24 खरब से भी कहीं ज्यादा का योगदान है. यही नहीं स्कॉटलैंड हर साल करीब 100 अरब पाउंड यानि 99 खरब से ज्यादा का निर्यात करता है. इसमें 11 अरब पाउंड की वित्तीय सेवाएं और 9 अरब पाउंड का खाने पीने का सामान निर्यात होता है.

 

जाहिर है अगर करीब 42 लाख लोगों ने स्कॉटलैंड की आजादी के समर्थन में वोट दिया तो इसका बड़ा खामियाजा ब्रिटेन को उठाना होगा.